ईश्वर-चालीसा
[आकार-२०x३०, पृष्ठ-१६, मूल्य- १० रूपये]

ईश्वर का ध्यान और उसकी भक्ति करना ही मानव-जीवन का मुख्य उद्देश्य है किन्तु अज्ञान के कारण आज अधिकांश मानव अपने जीवन के इस मुख्य उद्देश्य को ही विस्मृत कर नश्वर वस्तुओं के पीछे दौड़ रहे हैं। डॉ० वेदप्रकाश आर्य ने ‘ईश्वर-चालीसा’ पुस्तक में ईश्वर के स्वरूप, ईश्वर-महिमा तथा ईश्वर-भक्ति, आदि विषयों को दोहा और चैपाई-छन्दों में बहुत ही सरल और सुन्दर भाषा में लिखा है। ‘ईश्वर-चालीसा’ को प्रतिदिन श्रद्धापूर्वक पढ़ने और सुनने से मनुष्यों को ईश्वर का ज्ञान होता है तथा प्रतिदिन ईश्वर-भक्ति और शुभ कर्म करने की सत्प्रेरणा प्राप्त होती है, जिनसे उनके अमूल्य मानव-जीवन सुखी और सफल हो जाते हैं।