
२९. वेद-वाणी
[आकार-२३x३६,पृश्ठ-२६४, मूल्य-३॰॰ रूपये]
लेखक - डॉ० वेदप्रकाश
आचार्य श्री वेदप्रकाश ने “वेद-वाणी” धर्मग्रन्थ में मानव-जीवन के लिए उपयोगी प्रायः सभी विषयो से सम्बन्धित ४॰॰ वेद-मन्त्रों (ऋग्वेद के १॰॰ , यजुर्वेद के १॰॰ , सामवेद १॰॰ , अर्थवेद के १॰॰ मन्त्र) को उनके शब्दार्थ, भावार्थ और संगीतमय काव्यरूपान्तरण सहित आर्यभाशा (हिन्दी) में बहुत सरल, सरस और सुन्दर रूप में लिखा है। “वेद-वाणी” पुस्तक में चारों वेदों का सार आ गया है। आचार्य श्री ने “वेद-वाणी” के रूप में गागर में सागर भर दिया है। आप इस पुस्तक को पढ़कर चारो वेदों का ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं। तथा अपना जीवन सफल बना सकते हैं। इस अनमोल धर्मग्रन्थ को आाप पढ़ना-पढ़ाना और सदैव अपने पास रखना चाहेंगे।