भारत-दुर्दशा
[आकार-२३x३६/१६, पृष्ठ-४८, मूल्य-२० रूपये]
‘भारत-दुर्दशा’ ऐसा अनुपम काव्य-ग्रन्थ है, जिसमें डॉ० वेदप्रकाश आर्य ने भारतवर्ष की वर्तमान
समाजिक, धार्मिक, राजनीतिक और आर्थिक दुर्दशा का यथार्थ एवं मार्मिक वर्णन चैपाई छन्द और गीत शैली में किया है। यह पुस्तक अपने अन्त में भारतवर्ष की दुर्दशा को देखकर भी मूकदर्शक बने देशवासियो को झकझोर कर रख देती है।
देशप्रेमी सज्जनो! आपसे विनम्र निवेदन है कि आप भारतवर्ष की उन्निति के लिए ‘भारत-दुर्दशा’ पुस्तक को अधिक-से-अधिक संख्या मे मँगवाकर अधिक-से-अधिक देशवासियों के मन में देश-प्रेम की भावना जाग्रत करने में अपना अमूल्य योगदान करें।