भारतवर्ष की दुर्दशा और हमारा कत्र्तव्य
[आकार-२३x३६/१६, पृष्ठ- ३२, मूल्य-२० रूपये]
डॉ० वेदप्रकाश आर्य ने प्रस्तुत पुस्तक में भारतवर्ष की वर्तमान सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक और आर्थिक दुर्दशा का यथार्थ वर्णन किया है तथा वर्तमान दुर्दशा को समाप्त करने के सरल उपाय भी बताये हैं। इस पुस्तक से अब तक स्वदेश की उन्नति के लिए लाखों भारतवासी सत्प्रेरणा प्राप्त कर चुके हैं।