पञचमहायज्ञ
[आकार--२०x३६/१६, पृष्ठ-६४, मूल्य-२० रूपये]


‘पञचमहायज्ञ’ पुस्तक में डॉ० वेदप्रकाश आर्यने महर्षि दयानन्द सरस्वती द्वारा प्रणीत - ब्रह्मयज्ञ, देवयज्ञ, पितृयज्ञ, बलिवैश्व देवयज्ञ और अतिथि यज्ञ को सम्पादित किया है।
डॉ० वेदप्रकाश आर्य ने प्रस्तुत पुस्तक में सन्ध्या और ईशोपासना के मन्त्रों के प्रत्येक शब्द का अत्यन्त सरल अर्थ लिखा है तथा स्वचरित अनेक सुन्दर एवं मनोहरी भक्ति-गीत भी लिखें हैं, जिन्हें पढ़कर आप ईश्वर-भक्ति में लीन हो जाएँगे। साप्ताहिक सत्संग के लिए तो ‘पञचमहायज्ञ’ पुस्तक अत्यन्त उपयोगी है। आप अधिक-से-अधिक संख्या में मँगवाकर लाभ उठाएँ।