
शिव-चालीसा
[आकार-२०x३०, पृष्ठ-१६, मूल्य- १० रूपये]
महाराज शिव एक महान राजा, परमवीर और महान योगी पुरूष थे, किन्तु पुराणों में उनके चरित्र को भी कलंकित किया गया है। शिव के सभी चित्रों और मूर्तियों में उनके शरीर पर भयंकर सर्प लिपटे हुए दिखाए जाते हैं। उनके विवाह के अवसर पर उनके भयानक रूप् का ही वर्णन किया जाता है, किन्तु ये सब बातें पूर्णतः मिथ्या हैं। अब तक किसी भी लेखक ने शिव जी महाराज के यथार्थ और उज्ज्वल चरित्र को प्रस्तुत नहीं किया था, किन्तु अपने महान् आर्य पूर्वजों का सदैव सम्मान करने वाले आचार्य श्री डॉ० वेदप्रकाश ने श्री शिव जी महाराज के महान् जीवन की मुख्य चारित्रिक विशेषताओं को दोहा और चैपाई-छन्दों में बहुत सरल और सुन्दर भाषा में लिखा है। यह शिव-चालीसा पढ़कर या सुनकर ही आप शिव जी महाराज के उज्ज्वल चरित्र को जान पाएँगे तथा गाते-गाते आनन्द-विभोर हो जाएँगे।